अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई: सरकार ने सौंपा 5000 पन्नों का जवाब, अगली सुनवाई 11 दिसंबर को
चंडीगढ़: खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए दायर याचिका पर आज पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर के लिए निर्धारित की है।
सरकार ने किया पैरोल का विरोध
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। इसके अनुपालन में आज सरकार ने अदालत के समक्ष 5000 से अधिक पन्नों का जवाब दाखिल किया। सरकार ने इन दस्तावेजों के आधार पर यह तर्क दिया है कि अमृतपाल को पैरोल पर रिहा नहीं किया जा सकता।
NSA की अवधि बढ़ाने को चुनौती
इसके अलावा, अमृतपाल सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत अपनी हिरासत को तीसरी बार बढ़ाने के आदेश को भी चुनौती दी थी। उनके वकील ईमान सिंह खारा ने बताया कि यह याचिका 17 अप्रैल, 2025 के उस आदेश को चुनौती देती है, जिसे बाद में जून 2025 में राज्य सरकार ने पुख्ता कर दिया था।
वकील का आरोप हत्या के मामले में फंसाने की साजिश
वकील ईमान सिंह खारा ने कहा कि सरकार द्वारा दायर जवाब में कोई ठोस कारण नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतपाल का नाम 9 अक्टूबर, 2024 को हुए गुरप्रीत सिंह हरी नौ हत्याकांड (FIR सं. 159) से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि हरी नौ पहले अमृतपाल का करीबी था, लेकिन बाद में वह ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के खिलाफ बोलने लगा था।
एक खुफिया रिपोर्ट (मार्च 2025) के मुताबिक, यह दावा किया गया है कि अमृतपाल ने जेल में रहते हुए कनाडा में ‘आनंदपुर खालसा फौज (AKF) इंटरनेशनल एसोसिएशन’ बनाने के निर्देश दिए थे। वकील ने कहा कि यदि यहां न्याय नहीं मिला तो अमृतपाल सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।